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ई-गवर्नेंस पहल / मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण
  •   ई-टेंडर व्यवस्था ( http://mprrda.mpeprocurement.gov.in )
    निविदाओं को ई-टेंडर के माध्यम से विगत 1 वर्ष से किया जा रहा है। इस हेतु परियोजना क्रियान्वयन इकाईयों तथा प्रदेश के ठेकेदारों को ई- टेंडर संबंधी सभी प्रक्रियाओं की जानकारी ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण द्वारा दी गई हैं।
    इलेक्ट्रानिक टेंडर प्रक्रिया लागू किए जाने से निम्न लाभ हो रहे हैं -

    1- इलेक्ट्रानिक टेंडर व्यवस्था लागू करने से चेन्नई, हैदराबाद, बैंगलोर, मुंबई, दिल्ली आदि दूरस्थ स्थानों पर स्थित ठेकेदार वहीं बैठे-बैठे आसानी से निविदा में भाग लेते हैं जिससे निविदाओं में प्रतिस्पर्धा बढ़ती है ।

    2- ठेकेदारों को निविदा प्रपत्र जमा करने एवं टेकनिकल बिड/फायनेंशियल बिड में हिस्सा लेने के लिए कहीं आना जाना नहीं पड़ेगा जिससे ठेकेदारों को यात्रा व्यय एवं समय की बचत होती है ।

    3- इलेक्ट्रानिक टेंडरिंग प्रक्रिया से ठेकेदारों को सुविधा होने के साथ-साथ समस्त निविदा प्रक्रिया में प्रमाणिकता एवं पारदर्शिता आ रही है।

    4- इलेक्ट्रानिक टेंडरिंग प्रक्रिया पूर्णत: सुरक्षित एवं गोपनीय है।

    5- ठेकेदारों को टेकनिकल बिड के रूप में बहुत से दस्तावेज बार-बार प्रस्तुत करने पड़ते हैं जिससे पेपर वर्क बढ़ता है तथा कागज की बरबादी होती है। ई-टेंडरिंग से इसकी बचत होती है ।

    6- ठेकेदार हर पैकेज के लिए निविदा प्रपत्र क्रय करते हैं, तथा जो निविदाएं अस्वीकृत हो जाती उनकी स्टेशनरी व्यर्थ हो जाती है, यह व्यवस्था लागू करने से निविदा प्रपत्र की छपाई का खर्च व कागज की बचत होती है ।

    7- सामान्य डाक/कूरियर व्यवस्था में निविदाओं के खो जाने अथवा विलंब से प्राप्त होने की समस्या रहती है जो इलेक्ट्रानिक टेंडर की व्यवस्था में नही रहती है।

  • इलेक्ट्रानिक पेमेंट ( http://www.omms.nic.in )
    प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माण कार्यो के भुगतान में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए ठेकेदारों को भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से 01.05.2010 समस्त परियोजना क्रियान्वयन इकाईयों पर शुरू किया गया है, तथा ई-पेमेंट समस्त पी.आई.यू. पर सफलतापूर्वक संचालित है।

    प्राधिकरण द्वारा PMGSY के लिये web based Online Management, Monitoring and Accounting System (OMMAS) पर ई-पेमेंट की सुविधा शुरू की गई है। Central Bank कs माध्यम से R.T.G.S. (Real Time Gross Settlement system) द्वारा कार्यो का भुगतान ठेकेदारों के एकाउन्ट में जमा हो जाता है।

    इलेक्ट्रानिक पेमेंट की सुविधा होने से निम्नानुसार लाभ प्राप्त हो रहे हैं -

    1- ठेकेदारों को चेक लेने के लिए इकाई में आना-जाना नहीं पड़ता है ।

    2- इकाई को चेक नहीं बनाना पड़ता है तथा बिना चेक के भुगतान ठेकेदार के एकाउन्ट में जमा हो जाता है ।

    3- Maximum 24 hours में भुगतान ठेकेदारों के एकाउन्ट में चला जाता है ।

    4- इलेक्ट्रानिक पेमेंट प्रक्रिया से ठेकेदारों को सुविधा होने के साथ-साथ समस्त प्रक्रिया में पारदर्श्ािता आ रही है एवं समय की बचत होती है ।

  • जी.आई.एस ( http://gismp.nic.in/GeoApproach )

    प्रोजेक्ट i-GeoApproach (Internet Geomatics based Application for Planning Rural Road Connectivity to Habitations - Under PMGSY) को Innovative usage of Technology in e-Governance वर्ग में रजत पदक (Silver Award) 13th National Conference on e-Governance दिनांक 18.02.2010 को जयपुर (राजस्थान) में प्राप्त हुआ है।

    i-GeoApproach एक वेब पर संचालित geographical information system है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना हेतु बनाया गया है। इस सिस्टम में म.प्र. का रोड नेटवर्क, (राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य मार्ग, मुख्य जिला सड़क तथा अन्य जिला सड़कें) एवं रेल नेटवर्क, बड़ी नदियां, जल निकाय तथा गांवों की जानकारी उपलब्ध है। इसके अलावा इसमें संचार नेटवर्क, स्वास्थ्य सुविधा, मार्केट आदि की लोकेशन उपलब्ध है। i-GeoApproach में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित सड़कों की जानकारी जैसे लंबाई, लागत, जुडने वाले ग्राम एवं उनकी जनसंख्या, कान्ट्रेक्टर एवं कंसलटेन्ट की जानकारी, सड़क निर्माण अवधि आदि समस्त जानकारियां उपलब्ध है।

    i-GeoApproach सिस्टम में सड़क की लंबाई तथा उसकी गांव से दूरी आदि मापी जा सकती है। समस्त जानकारियां नक्शे के रूप में उपलब्ध है तथा इसे चाही गई स्केल पर छोटा-बड़ा करके देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत जुड़ने वाले ग्राम एवं सड़क संपर्कता की प्लानिंग, मानिटरिंग करने हेतु यह सिस्टम बहुत उपयुक्त एवं पारदर्शी है।

    इस तरह का यह प्रयास देश मे अनूठा है जिसमें इंटरनेट की तकनीक का प्रयोग कर GIS सिस्टम का निर्माण किया गया है।

MPRURAL

  डिस्क्लेमर (Disclaimer)
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पास सर्वाधिकार सुरक्षित आकल्पन,संधारण क्रिस्प भोपाल द्वारा
विवरणिका डीपीआईपी